चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 9 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास V में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 5 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Thursday, June 30, 2011

प्रिय चैतन्य शर्मा के लिए : माँ पर दो बाल गीत

ये दो प्यारे गीत आदरणीय रमेश तैलंग अंकल ने अपने ब्लॉग नानी की चिठ्ठियाँ पर लगाये थे  | उनके इन सुंदर बालगीतों के लिए उन्हें मेरा ढेर सारा प्यार और हार्दिक धन्यवाद |  उनके रचे ये गीत मेरी माँ को  भी बहुत अच्छे लगे  | 



घर में अकेली माँ ही बस 
सबसे बड़ी पाठशाला है.
जिसने जगत को पहले पहल
ज्ञान का दिया उजाला है.

माँ से हमने जीना सीखा
माँ में हमको ईश्वर देखा
हम तो हैं माला के मनके
माँ मनकों की माला है.

माँ आँखों का मीठा सपना
माँ साँसों में बहता झरना
माँ है एक बरगद की छाया
जिसने हमको पाला है.

माँ कितनी तकलीफें झेले
बांटे सुख सबके दुःख ले ले
दया-धर्म सब रूप हैं माँ के,
और हर रूप निराला है.




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अम्मां को क्या सूझी
मुझको कच्ची नींद सुलाकर
बैठ गई हैं धूप सेंकने
ऊपर छत पर जाकर

जाग गया हूँ मैं अब कैसे
खबर उन्हें पहुँचाऊँ?
अम्मां!अम्मां! कहकर उनको
कितनी बार बुलाऊँ?

पाँव अभी हैं छोटे मेरे
डगमग डगमग करते,
गिरने लगता हूँ मैं नीचे
थोडा-सा ही चलते.

कैसे चढ पाऊंगा मैं अब
इतना ऊंचा जीना?
सोच-सोच कर मुझे अभी से
है आ रहा पसीना.

Monday, June 27, 2011

आह छुट्टियाँ वाह छुट्टियाँ........!

मेरा बेस्ट फ्रेंड ...एकम 
आज से मेरे समर वेकेशन शुरू हुए हैं | मेरे सभी नन्हें ब्लॉगर साथी कई दिनों से छुट्टियाँ मना रहे हैं ....... अब जाकर मेरी  छुट्टियाँ हुईं  हैं | घूमने और मस्ती करने का समय आया है | हमारी छुटियाँ होने से पहले स्कूल की पिकनिक भी हुई | हम सब बच्चों ने जम कर एन्जॉय किया | 


मज़ा आया अपनी शेडो के साथ खेलकर .....


सारे फ्रेंड्स ने की मस्ती.....

मेरी दोस्त ...एमा 

मजेदार रही पिकनिक .....अब छुट्टियाँ शुरू 

Monday, June 20, 2011

फादर्स डे....पूरा दिन मस्ती और धमाल.....!


मैं और मेरे पापा ....!
फादर्स डे यानि एक खास दिन पापा के लिए....... मैंने भी इस दिन खूब मस्ती की | संडे का दिन था इसलिए पापा के साथ पूरा दिन बिताया .......बाहर घूमने गया | मैं पापा के साथ मॉल गया ...... खूब मस्ती और धमाल की |  
रेडी फॉर  स्पाईडरमेन जम्प .......
जम्प......
फुल मस्ती.......


स्लाइड्स में भी मज़ा आया .....

बच्चों की अपनी.......किड एयर ..
अरे वाह ... बाइक 
मस्ती में थोड़ा हिप हॉप भी .....

जी भर कर मस्ती की मैंने तो......... पापा ने भी मेरे साथ खूब एन्जॉय किया | 
इस खास दिन हम सब बड़े और बच्चे अपने प्यारे पापा को यही कहेंगें कि हम उन्हें बहुत प्यार करते हैं और हमेशा करते रहेंगें | मेरी ओर से  मेरे पापा के साथ साथ सभी पिताओं को इस खास दिन पर बहुत सारा प्यार और शुभकामनायें .......हैप्पी फादर्स डे .....!

Friday, June 17, 2011

वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को नमन ......!

आज महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्हें शत शत नमन | महारानी लक्ष्मीबाई बचपन से ही बहुत आत्मविश्वासी और देशभक्ति के भाव अपने मन में लिए थीं | उनका पूरा जीवन और व्यक्तित्व  वीरता, देशभक्ति , अनुशासन और शौर्य की अद्भुत मिसाल है | बचपन  में सब उन्हें प्यार से मनु बुलाते थे | उनके समर्पण और अनुशासन का ही परिणाम था की कम उम्र में ही वे तलवारबाजी और घुड़सवारी में निपुण हो गयीं थीं |


उनका ह्रदय अपने देश के लिए प्रेम और सम्मान से भरा था | देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही | वीरांगना  महारानी लक्ष्मीबाई की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणादायी हैं......

हम सबकी ओर से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित...... नमन 

Wednesday, June 8, 2011

एक खास ट्रिप ...!

हाल में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया  गया | उस दिन छुट्टी थी इसलिए मुझे भी घूमने जाने का मौका मिला | अच्छी बात यह रही कि इस बार मुझे नदी, पहाड़, पेड़- पौधे देखकर और वहां खेलकर बहुत अच्छा लगा | सच में प्रकृति के करीब........  जिसकी हर चीज़ सुंदर है ...बस हम सहेज कर रखें तो.....!


मज़ा  आया इस उछल कूद में .....  

ऐसा झूला कम ही मिलता है यहाँ .......

मजेदार रही बोट की सवारी.......

हर तरफ सुंदर नज़ारे ......

बहती नदी के किनारे खेलना ...... बहुत अच्छा लगा 

पानी में पत्थर ....और छपाक 

मजेदार रहा मेरा ये ट्रिप.......आपको कैसा लगा...?

Saturday, June 4, 2011

हरा भरा रहे हमारा जहाँ ......

आज विश्व पर्यावरण दिवस है | आज के दिन दुनिया भर में हमारी प्रकृति माँ को सहेजने की बात की जाती है | वैसे तो हर दिन ही हमें पर्यावरण की रक्षा की बात सोचनी चाहिए  ताकि हमारे साथ साथ पेड़-पौधे , नदियाँ ,पहाड़  कई तरह के जानवर और प्यारे-प्यारे पक्षी सभी सुरक्षित  रहें |  आज  आप सबके लिए मेरी  यह  ड्राइंग.........!   


खिला  रहे प्रकृति माँ का आंगन  

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